द जनमित्र डेस्क
नावानगर थाना क्षेत्र के बुडीला गांव में जमीन के बंटवारे की आशंका से उपजे पारिवारिक कलह ने तीन साल पहले खौफनाक रूप ले लिया था। अपने ही पिता गोविंद राय की गला रेतकर हत्या करने और शव को गन्ने के खेत में छिपाने के जुर्म में सोमवार को एडीजे-3 सुदेश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने पांच परिजनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने मृतक के पुत्र सरल राय, छोटक राय, भोला राय और पुत्रवधुओं रीता कुमारी तथा आंचल कुमारी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा साक्ष्य छुपाने के अपराध में सभी को 7 साल का कारावास और 10-10 हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
अपर लोक अभियोजक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि 14 अगस्त 2022 की सुबह करीब 5 बजे गोविंद राय शौच के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान आरोपियों ने पहले से घात लगाकर उन पर धारदार हसुआ और चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात को छिपाने के लिए शव को पास के गन्ने के खेत में फेंक दिया गया था।
मृतक के भाई की शिकायत पर नावानगर पुलिस ने पांचों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छुपाने का मुकदमा दर्ज किया था। करीब तीन वर्ष तक चले मुकदमे में कुल 12 गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, हत्या में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी और अन्य ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी को दोषी करार दिया।
फैसले के बाद अदालत परिसर में मौजूद मृतक के भाई और अन्य परिजनों ने राहत की सांस ली, जबकि दोषियों के चेहरों पर मायूसी छा गई।

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