द जनमित्र डेस्क
बक्सर स्टेशन पर एक दर्दनाक रेल हादसे में उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब गतिमान ट्रेन से नीचे उतरने के प्रयास में एक महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह पहियों की चपेट में आ गई। इस भीषण दुर्घटना में पीड़िता का दाहिना पैर कट गया है। मौके पर मौजूद लोगों की मदद से आनन-फानन में जख्मी महिला को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका गंभीर हालत में उपचार जारी है। उसके पास मौजूद दस्तावेजों से उसकी शिनाख्त जखीरा खातून के तौर पर हुई है, जिसकी इत्तला मिलते ही तीमारदार भी अस्पताल पहुंच गए।

इस दुर्घटना के बाद रेलवे परिसर की व्यवस्थाओं और खासकर प्लेटफॉर्म संख्या एक से तीन की नीचाई को लेकर स्थानीय लोगों और मुसाफिरों में गहरी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि नायाब प्लेटफॉर्म की वजह से ट्रेन पकड़ते या उतरते वक्त अक्सर हादसे की आशंका बनी रहती है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। त्योहारों के दिनों में जब आवाजाही अत्यधिक होती है, तब भगदड़ और जल्दबाजी जैसे हालात ऐसे हादसों को दावत देते हैं।
इस बीच, बिहार प्रदेश कांग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट डॉ. स्नेहाशीष वर्धन पाण्डेय ने दानापुर रेल मंडल के अधिकारियों के समक्ष कड़ा ऐतराज जताते हुए बक्सर स्टेशन के सभी मुख्य प्लेटफॉर्मों की ऊंचाई फौरन बढ़ाने की पुरजोर मांग उठाई है। उन्होंने बताया कि इस बाबत वे पहले भी सोशल मीडिया के जरिए आला अधिकारियों का संज्ञान करा चुके हैं, जहां से सिर्फ कोरे आश्वासन ही मिले लेकिन जमीनी हकीकत में कोई बदलाव नहीं हुआ। बक्सर एक धार्मिक और मेला क्षेत्र होने के कारण यहां मेलों और पर्वों पर भारी तादाद में श्रद्धालुओं का आना-जाना होता है, इसलिए यात्रियों की जान की हिफाजत को प्राथमिकता देते हुए रेलवे प्रशासन को बिना देर किए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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