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रामरेखा घाट मार्ग को अवैध कब्जों से कराया गया मुक्त

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द जनमित्र डेस्क

सोमवार को बक्सर शहर के रामरेखा घाट मार्ग पर प्रशासनिक अमले और नगर निकाय की टीम ने संयुक्त रूप से अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ा। दिन के करीब एक बजे जब प्रशासनिक दस्ता भारी पुलिस बल, ट्रैक्टर और भारी-भरकम बुलडोजर (जेसीबी) के साथ मॉडल थाने के समीप पहुंचा, तो वहां अवैध रूप से काबिज पटरी दुकानदारों के बीच भारी अफरातफरी का माहौल कायम हो गया।
प्रशासनिक सख्ती की भनक लगते ही अनेक व्यवसायियों ने समझदारी दिखाते हुए स्वयं ही अपने छप्पर, तिरपाल और अन्य अस्थाई निर्माण समेटने आरंभ कर दिए। इसके पश्चात नगर परिषद के दस्ते ने रामरेखा घाट के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर एमपी हाई स्कूल के द्वार तक सड़क के दोनों ओर फैले अतिक्रमण को बुलडोजर के माध्यम से जमींदोज कर दिया। जिन लोगों ने अपने ढांचे पहले ही हटा लिए थे, उन्हें टीम ने कोई नुकसान नहीं पहुंचाया, परंतु जिन्होंने जगह खाली नहीं की थी, उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया। सड़क को बाधारहित बनाने की यह पूरी कार्रवाई लगभग दो घंटे तक अनवरत चलती रही।
इस सघन अतिक्रमण हटाओ मुहिम की अगुवाई नगर प्रबंधक नीरज कुमार झा कर रहे थे। एमपी हाई स्कूल तक की सफाई के उपरांत यह दस्ता अतिथि गृह की ओर जाने वाले मार्ग पर भी गया और वहां से भी फुटपाथ तथा रास्तों को कब्जामुक्त कराया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान स्थानीय लोगों और व्यापारियों में खासी बेचैनी देखने को मिली।
नगर प्रबंधक नीरज कुमार झा ने स्पष्ट शब्दों में ताकीद की है कि यदि किसी भी व्यक्ति ने खाली कराए गए सार्वजनिक रास्तों या फुटपाथों पर दोबारा कब्जा जमाने का प्रयास किया, तो न केवल उसका व्यावसायिक सामान जब्त कर लिया जाएगा बल्कि उस पर भारी आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। प्रशासन की ओर से यह दोटूक संदेश दिया गया है कि आम जनमानस की सुविधा के रास्ते में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अब बर्दाश्त के काबिल नहीं होगा।
अतिक्रमण के खिलाफ चले इस साझा अभियान में मोहम्मद वाहिद अहमद, मनोज केसरी, कुमार अविनाश, नवीन पांडेय सहित बड़ी संख्या में पुलिस के जवान पूरी तरह मुस्तैद रहे। नगर निकाय के अनुसार, इस पूरी कवायद का मुख्य लक्ष्य शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना और राहगीरों को आवागमन में हो रही परेशानियों से स्थायी तौर पर निजात दिलाना है।

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