द जनमित्र डेस्क
बक्सर में बक्सर में इटाढ़ी रोड स्थित पूर्वी रेलवे गुमटी को दोबारा खोलने की मांग तेज हो गई है। जिला दलित अति पिछड़ा स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा ने 7 अगस्त सुबह 11 बजे रेल चक्का जाम करने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि रेलवे ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त होने और फाटक बंद रहने से रोजाना लाखों लोगों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। इस आंदोलन को कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल का भी समर्थन मिला हुआ है।

मोर्चा के जिला संयोजक सरोज राजभर ने बताया कि करीब दो महीने पहले 26 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से बना रेलवे ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया था। उसके बाद से पूर्वी रेलवे गुमटी बंद पड़ी है। नतीजतन बक्सर जिला मुख्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों, बुजुर्गों और आम नागरिकों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
राजभर ने बताया कि 18 जुलाई को भी रेल चक्का जाम की कोशिश की गई थी। उस समय रेल प्रशासन ने उच्च अधिकारियों से बात करके समाधान का भरोसा दिलाया था। लेकिन अब तक रेलवे फाटक खोलने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने चिंता जताई कि ओवरब्रिज बंद होने और गुमटी न खुलने के कारण कई वाहन चालक फुट ओवरब्रिज पर गाड़ी चढ़ा रहे हैं। इससे दुर्घटना और कानूनी कार्रवाई का खतरा बढ़ गया है। संगठन के कार्यकर्ता सोमवार से पूर्वी रेलवे गुमटी के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और संगठन के सदस्य मौजूद हैं। आंदोलनकारियों ने साफ कह दिया है कि जब तक रेलवे गुमटी नहीं खोली जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पूर्वी रेलवे गुमटी बंद रहने से रोज हजारों लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और रेलवे अधिकारियों से जनहित को ध्यान में रखते हुए तुरंत रेलवे फाटक खोलने की मांग की। धरना को राम चीज प्रजापति, कृष्णावती देवी, रमाकांत चंद्रवंशी, राम इकबाल ठाकुर, मुन्ना ओझा, अजीत सिंह, लाल बिहारी, सुनीता देवी, राष्ट्रपति राय, अजीत कुमार, सिपाही, बीरबल रजक और गुड्डू शर्मा समेत कई लोगों ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में आंदोलन को निर्णायक मुकाम तक जारी रखने का संकल्प दोहराया।

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