अपराध

तहखाने में छिपी शराब की खेंप बरामद

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द जनमित्र डेस्क

बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब माफिया अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी कड़ी में बक्सर जिले के वीर कुंवर सिंह जांच नाके पर मद्य निषेध महकमे ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी शराब की एक विशाल खेप को पकड़ने में सफलता हासिल की है। हरियाणा से राजधानी पटना के लिए तस्करी कर ले जाई जा रही इस मदिरा की कीमत खुले बाजार में सात लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। इस अवैध कारोबार के आरोप में हरियाणा के ही एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आबकारी प्रभारी कुंदन कुमार की अगुवाई में सीमावर्ती जांच चौकी पर वाहनों की सघन चेकिंग चल रही थी। इसी बीच उत्तर प्रदेश की सीमा से बिहार की हद में दाखिल हो रहे एक मालवाहक वाहन (पिकअप) पर टीम को शक हुआ। सरसरी निगाह से देखने पर गाड़ी बिल्कुल आम मालवाहक जैसी प्रतीत हो रही थी, परंतु शंका के आधार पर जब उसकी बारीकी से तलाशी ली गई तो अधिकारियों के होश उड़ गए। तस्करों ने गाड़ी के भीतर एक बेहद शातिराना तरीके से गुप्त तहखाना बना रखा था।

इस तहखाने को खोलते ही भीतर से विभिन्न महंगे ब्रांड्स की मदिरा निकलने लगी। मौके पर की गई गिनती में कुल 3123 बोतलें बरामद हुईं। एक्साइज सुपरिटेंडेंट अशरफ जमाल ने इस जब्ती की पुष्टि करते हुए बताया कि शराब की यह खेप हरियाणा से लोड की गई थी और इसे पटना पहुंचाना था। लेकिन, बक्सर सीमा पर मुस्तैद टीम ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

पकड़े गए वाहन चालक की शिनाख्त हरियाणा राज्य के लड़ानपुर गांव के रहने वाले पैंतीस वर्षीय दिलराज कुमार के तौर पर की गई है। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी ने कुबूल किया कि उसे केवल माल को पटना तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। राजधानी में प्रवेश करने के पश्चात उसे मोबाइल फोन पर संपर्क करके डिलीवरी की सटीक लोकेशन बताई जानी थी।

फिलहाल, मद्य निषेध विभाग ने गाड़ी और शराब दोनों को अपने कब्जे में ले लिया है। इस प्रकरण में बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। विभागीय अधिकारी अब इस पूरे सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं ताकि यह पर्दाफाश हो सके कि पटना में इस खेप का असली खरीदार कौन था और इस नेटवर्क के पीछे किन-किन लोगों का हाथ है।

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