द जनमित्र डेस्क
बक्सर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सरेंजा गांव में सोमवार को सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया। गांव के एक गेहूं गोदाम से 12 साल के किशोर का शव बरामद होने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। मृतक की पहचान सरेंजा निवासी बेचन चौहान के सबसे छोटे पुत्र किशुन चौहान के रूप में हुई है। परिजनों ने दावा किया कि बच्चे की हत्या कर उसके शव को गेहूं की बोरियों के नीचे छिपाया गया। परिवार के मुताबिक, किशुन रविवार दोपहर करीब तीन बजे दोस्तों के साथ खेलने के लिए घर से निकला था। देर शाम तक न लौटने पर परिजनों ने पूरे गांव में उसकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन रातभर कोई सुराग नहीं मिला।

सोमवार सुबह कुछ ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें किशुन को गांव के गेहूं गोदाम की ओर जाते देखा था। इस सूचना पर परिजन गोदाम पहुंचे। परिवार का आरोप है कि गोदाम कर्मचारियों ने पहले उन्हें अंदर जाने से रोकने की कोशिश की, लेकिन भारी हंगामा करने पर अंदर जाने दिया गया। अंदर पहुंचकर देखा तो किशुन का शव गेहूं की 30 से 40 बोरियों के नीचे दबा हुआ था। शव निकालते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि बच्चे के शरीर पर फफोले जैसे निशान थे, मुंह से खून बह रहा था और शव को आग लगाने की भी कोशिश की गई लगती है।
परिवार का सीधा आरोप है कि किशुन की हत्या कर शव को छिपाया गया। हालांकि, पुलिस की प्रारंभिक जांच में बोरियों के नीचे दबने से दम घुटने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन हत्या की संभावना को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है। शव मिलते ही आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने बक्सर-कोचस मुख्य मार्ग को सरेंजा के निकट जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और ‘मौत के बदले मौत’ जैसे नारे लगाए। कुछ लोग गोदाम कर्मचारियों की तलाश में निकल पड़े। इस दौरान कुछ आक्रोशित व्यक्ति ग्रामीण पिंटू राय के घर में घुस गए और तोड़फोड़ की कोशिश की। राजपुर, इटाढ़ी और मुफस्सिल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और किसी बड़े अप्रिय घटना को टालते हुए युवक को सुरक्षित निकाला।
परिजनों की मांग
परिजन शव को सड़क से हटाने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने एसपी को मौके पर बुलाने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। राजपुर थानाध्यक्ष निवास कुमार ने बताया कि गोदाम को सील कर दिया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस हर पहलू पर गहन छानबीन कर रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह गोदाम बृज मोहन राय का है।
किशुन चार भाईयों में सबसे छोटा था। परिवार बेहद गरीब है और पिता व बड़े भाई ईंट भट्ठे पर मजदूरी करके गुजारा करते हैं। घटना के बाद पूरे सरेंजा गांव में शोक की लहर छा गई है।


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